नई दिल्ली, 21 जून : भारतीय रेल ने 1 जुलाई से अपने उपभोक्ताओं के लिए सेवा विस्तार और सुविधाओं में बदलाव करने जा रही है। इसके चलते तमाम यात्रियों को रेलवे की सेवा कुछ बदली नजर आ सकती है। इस तारीख से रेलवे की आरक्षण प्रक्रिया में नए नियम लागू होने जा रहे हैं। बदले नियमों के तहत 1 जुलाई से ऑनलाइन से वेटिंग टिकट नहीं मिलेगा। साथ ही शताब्दी, राजधानी जैसी दूसरी कई अन्य ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाई जाएगी। तत्काल टिकट का आरक्षण रद्द करवाने पर अब आधा रिफंड यात्रियों को मिलेगा। इसके साथ ही यात्रियों की मांग पर क्षेत्रीय भाषाओं में भी टिकट मिलेंगे।
रेलवे पहले ही ऐलान कर चुका है कि 1 जुलाई से राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की तर्ज पर सुविधा ट्रेनें चलेंगी। ये ट्रेनें देश के महत्वपूर्ण व व्यस्त रूटों पर प्रीमियम ट्रेनों को बंद कर उनकी जगह चलाई जाएंगी। सुविधा ट्रेनों में यात्रियों को वेटिंग टिकट नहीं मिलेगा। इन ट्रेनों में सभी को कन्फर्म टिकट दिया जाएगा। टिकट रद्द कराने पर आधा पैसा वापस मिलेगा और कोच के हिसाब से चार्ज होगा। एसी फर्स्ट और सेकेंड का टिकट रद्द कराने पर 100 रुपये अतिरिक्त काटे जाएंगे। एसी थर्ड के लिए 90 रुपये और स्लीपर क्लास का टिकट रद्द कराने पर 60 रुपये अतिरिक्त काटे जाएंगे।
