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अमेरिका और चीन फिर आए आमने सामने

नई दिल्ली,  21 जून : एनएसजी में भारत की सदस्यता के मसले पर अमेरिका और चीन आमने-सामने हो गए हैं। एनएसजी के सदस्य देशों से अमेरिका ने कहा कि वे सोल में शुरू होने वाली अपनी बैठक के दौरान भारत के आवदेन पर विचार करें और उसे समर्थन दें।सोमवार को वहीं, चीन ने  ही कहा था कि सोल बैठक में भारत की एनएसजी सदस्यता बहस के एजेंडे में नहीं है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा की हमारा मानना है और यह कुछ समय से अमेरिका की नीति रही है कि भारत सदस्यता के लिए तैयार है। अमेरिका बैठक में भाग लेने वाली सरकारों से अपील करता है कि वे एनएसजी की पूर्ण बैठक में भारत के आवेदन को समर्थन दें।

अर्नेस्ट ने कहा कि साथ ही, किसी भी आवेदक को समूह में शामिल करने के लिए भाग लेने वाली सरकारों को सर्वसम्मति से निर्णय पर पहुंचने की आवश्यकता होगी। अमेरिका भारत की सदस्यता की निश्चित रूप से वकालत करेगा। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता जॉन किर्बी ने भी एक अन्य संवाददाता सम्मेलन में अर्नेस्ट की बात दोहराई। अर्नेस्ट का बयान ऐसे समय में आया है जब चीन ने कहा है कि भारतीय की सदस्यता का मामला एनएसजी की बैठक के एजेंडे में नहीं है। एनएसजी में भारत की सदस्यता का जहां अमेरिका और रूस समेत कई बड़े देश समर्थन कर रहे हैं, वहीं चीन ने इस राह में रोड़ा डालने की कोशि‍श की।

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